मोटापा , थोड़े से थोड़ा ज़्यादा
आज सुबह मॉर्निंग वॉक करते हुए अचानक पास के गुप्ता जी के चिल्लाने की आवाज़ आई
“ बहन जी, समझा लो अपने सुपुत्र को. कह रहा है , कि आपके पेट पर स्लाइड करूँगा ”
तो बहन जी, मतलब पड़ोस की महिला भी तैश में आ गयी. कहने लगी “मैं क्या करुँ, बच्चा शैतान है. इसके बाप की शकल ही शिन चेन से मिलती है. भाईसाब मैं तो खुद ही परेशान हूँ. कल मुझको कहता की आपके पेट पर बुनजी जंपिंग करूँगा.”
ये वही गुप्ता जी हैं,जिनकी बीवी मुझको बता रही थी की “यह (मेरे पति), मोटे नही है, इनकी तो हाइट छोटी है ना ,इसलिए ऐसे लगते हैं”
मॅन मे आया ,की पूछ लयू की कैसे लगते हैं.
फिर मैने मॅन बना लिया कि इस बारे में बात की जानी चाहिए.
मेरा यही मानना है, की अगर आप 1२0 किलो से कम हैं, तो आप मोटे नही हैं. (ये पोस्ट मैं उन्ही को भेजने वाला हूँ,जो 1२0 किलो से कम की श्रेणी मैं हैं.)
आक्च्युयली मोटापा रोग नहीं है. यह रोग बनाया गया है ,मोबाइल कोम्पनियों के द्वारा.
ऐसे ऐसे एप्स हैं की आप स्लिम हो सकते हो, बिना डाइयेटिंग किए, बिना व्यायाम किए
और परिभाषा सुंदरता की ऐसी गढ़ी गयी, कि महिलाए, तब तक सेल्फी लेती रहेंगी , जब तक कि ट्रंक किसी तरह से अटेची ना दिखने लगे. और बस वही खूबसूरती की परिभाषा बन गयी.
एक बर्गर ईटर व्यक्ति ने एक ड्राइक्लेनर का खून कर दिया. पेन्ट धूलवाने के लिए गया था, और ड्राइक्लेनर ने हाथ जोड़ कर कह दिया “ हम पर्दे नही धोते”
तंग व्यक्ति वो ऐसे भी था. उपर से छाता तंग . छाता होते हुए भी बिना भीगे घर नही पहुचता था.
ऐसी सोच , ऐसा अंधविश्वास फैलाना चाहिए. मोटे लोगों के मोहल्ले में
भूत पिशाच पास भी नही फटकते. कैसे फटकेगे, एक बार एक भूत एक घर मे प्रवेश कर रहा था. मोटी महिला रास्ता रोक के खड़ी थी. थोड़ी सी जगह मे से ही निकलने की कोशिश करते हुए, भूत वहीं फँस गया. और उसको अपनी जान गँवानी पड़ी. दरवाजे तक ब्लॉक हो जाते हैं, मोटी औरत के खड़े होने मात्र
से. और क्या सुरक्षा चाहिए
काश कोई तो ऐसा शाहरुख होता,
जो गाता,
तेरे पेट की ये सलवटें, तेरी
डबल चीन की करवटे .
नही भूलूंगा मैं.
एक ऐसा ही गीत जो मोटे लोगो
को समर्पित था, बप्पी लाहिरी गाने की प्रॅक्टीस कर रहे थे.
बप्पी लहरी खुद ही सरफ़रोश हो चुके थे.
साथ खड़ी थोड़ी हेल्थी महिला
फिसल कर बप्पी दा पर गिर पड़ी थी. और ये एक ऐसी टक्कर थी. की दोनो टकरा कर , टेन्निस
बॉल की भाँति विपरीत दिशा मे जाकर तीव्र गति से सीधा खिड़कियों तोड़ कर बाहर हो लिए.
एक ऐसी मुहिम छेड़ी जानी
चाहिए, कैसे मोटे लोगो का कॉन्फिडेन्स मेनटेन
किया जा सके.
ऐसा अंधविश्वास फैलाया जाएगा,
मोटापा ग्रूप मंडल के द्वारा
कि जिस की बीवी मोटी हो,
उसके घर में बहुत बरकत होती है. सिर्फ़ मोटी महिला के ढुलमुल चलने से इतनी ऊर्जा पैदा
की जा सकती है, कि एलेक्ट्रिसिटी का खर्चा बचाया जा सके.
मज़ाक की बात दूसरी है. मगर
लाला के गल्ले मे ऩफा नुकसान चलता रहता है. यह जीवन के उतार चढ़ाव हैं. कहीं चढ़ाव
, कहीं उतराव. कभी चढ़ाव तो कभी उतराव.
सौंदर्या जीवन में है.
टमाटर कम तुले, तो सब्जी
वाली के आप गले पर जाते हो, खुद ज़्यादा तुलो, तो मशीन खराब का आरोप लगते हो. यह अंतर्विरोध
नही है?
प्रसन्न रहें, अगर मोटे हैं,
आपकी आपेटाइट अच्छी है. और आपेटाइट अच्छी होना ईज़ नोट क्राइम.
सिक्स पॅक्स सबके होते हैं,
किसी के दिख जाते हैं, कुछ लोग थोड़े शर्मीले होते हैं. तो वो दिखना नही चाहते , इसलिए
पेट के घूँघट मे रखते हैं.
कोई फेटी नही है, कोई स्किनी नही है. हम सब ही फेटी और स्किनी
एक साथ हैं.यही साइंटिफिक सोच है. हाँ, कभी कभी किसी के स्किन ज़्यादा होती है,किसी
के फेट थोड़ी से थोड़ी ज़यादा.
रजत शर्मा
०१/०९/२०१८